परिचय

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं को तैयार कर क्रियान्वयन तथा नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकायों की आवश्यकता के अनुरूप जलप्रदाय योजना तैयार कर क्रियान्वयन करने का उत्तरदायित्व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का है।

विभाग के मुख्य दायित्व:

वर्तमान में जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के समस्त 49.97 लाख ग्रामीण परिवारों को कियाशील घरेलू नल कनेक्शन (एफ.एच.टी.सी.) द्वारा, 55 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के मापदण्ड से, गुणवत्तायुक्त शुद्ध पेयजल,दीर्घकालीन अवधि तक के लिए निरंतर उपलब्ध कराना, विभाग का प्रमुख दायित्व है। विभाग के अन्य दायित्व निम्नानुसार है :-

  • ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु, पेयजल योजनाओं के लिए सर्वेक्षण, रूपांकन एवं क्रियान्वयन।
  • समस्याग्रस्त बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने हेतु हैंडपंप योजनाओं का क्रियान्वयन।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में उच्चस्तरीय टंकी आधारित नल जल योजनाओं का रूपांकन एवं क्रियान्वयन।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे ग्रामों/बसाहटों जहाँ पर्याप्त मात्रा में भू-गर्भीय जल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, अथवा भू-जल की गुणवत्ता प्रभावित है, वहाँ सतही स्रोत पर आधारित समूह ग्रामीण जल प्रदाय योजनाओं का रूपांकन एवं क्रियान्वयन।
  • जल गुणवत्ता यथा लौह आधिक्य, फ्लोराइड आधिक्य, आर्सेनिक आधिक्य व लवण आधिक्य से प्रभावित बसाहटों में आवश्यकतानुसार जल शुद्धिकरण संयंत्र की स्थापना एवं अनुरक्षण।
  • प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल प्रदाय हेतु स्थापित विभागीय हैंडपंपों का अनुरक्षण।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों की फील्ड टेस्ट किट से जल गुणवत्ता की जाँच एवं उसकी सतत निगरानी तथा ग्राम पंचायतों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को इस संबंध में प्रशिक्षित करना।
  • राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय एवं उपखण्ड स्तरीय पेयजल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं जल नमूनों का परीक्षण कार्य।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय शालाओं, शासकीय भवन युक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा अन्य शासकीय भवनों में रनिंग वॉटर के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय की व्यवस्था।
  • मेलों में पेयजल एवं शौचालय की आस्थाई व्यवस्था।
  • आउट विलेज कार्यों का संचालन एवं संधारण।
  • इन विलेज संरचना में निर्मित टंकी, स्रोत एवं क्लोरीनेटर के डायोड्स का संधारण कार्य।

सूचना पटल

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